अष्टसखी: राधा जी की आठ सखियाँ
ललिता, विशाखा, चंपकलता, चित्रा, तुंगविद्या, इंदुलेखा, रंगदेवी और सुदेवी: ब्रज में राधा जी की आठ प्रमुख सखियाँ, पाठों और स्रोत-लिंक सहित।
- ललिता - आठों में सबसे बड़ी और प्रमुख सखी, जो विरह में राधा जी को सांत्वना देती हैं और राधा-कृष्ण का मिलन कराती हैं।
- विशाखा - दूसरी प्रमुख सखी, राधा जी की समवयस्क, जो युगल के वस्त्र और अलंकार सजाती हैं।
- चंपकलता - तीसरी वरिष्ठ सखी, जो वन से फल-सब्ज़ियाँ लाकर युगल के लिए भोजन बनाती हैं।
- चित्रा - जलभरे पात्रों पर संगीत, ज्योतिष-खगोल, पशुपालन और बागवानी में निपुण।
- तुंगविद्या - प्रसिद्ध संगीत-गुरु, कलाओं और विद्याओं में पारंगत, जो वीणा बजाती और गाती हैं।
- इंदुलेखा - युगल के लिए भोजन तैयार करती हैं; कुछ आचार्य नृत्य को भी उनकी सेवा बताते हैं।
- रंगदेवी - कुशल तार्किक, जो राधा जी से हँसी-ठिठोली करती हैं, धूप जलाती हैं और युगल को पंखा झलती हैं।
- सुदेवी - रंगदेवी की जुड़वाँ बहन, जिनकी सेवा युगल को जल अर्पित करना है।
पाठ
- अष्टसखी कौन हैं? - राधा जी की आठ प्रमुख सखियों का परिचय: वे कौन हैं, उन्हें प्रायः किस क्रम में गिना जाता है, और आगे कहाँ पढ़ें।